नयी दिल्ली, 02 अक्टूबर। कॉकपिट में हुए जानलेवा हमले के बावजूद सैकड़ों यात्रियों की जान बचाने वाले पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को फोन पर बात की। उन्होंने कैप्टन मच्छार की सेहत के बारे में जानकारी ली और मुश्किल घड़ी में दिखाई गई उनकी बहादुरी, सूझबूझ और फौरन फैसला लेने की क्षमता की खुलकर तारीफ की।
कैप्टन मच्छार इस समय सऊदी अरब में इलाज करा रहे हैं। बातचीत में प्रधानमंत्री ने कहा कि संकट के उस पल में कुछ ही सेकंड में लिया गया उनका फैसला सैकड़ों यात्रियों के लिए जीवनदान बन गया। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने और जिंदगी-मौत की लड़ाई लड़ते हुए भी कैप्टन मच्छार ने अपनी परवाह नहीं की और यात्रियों को बचाया। इससे 140 करोड़ देशवासियों का सिर गर्व से ऊंचा हुआ है।
गांधी जयंती का जिक्र करते हुए श्री मोदी ने कहा कि आज पूरा देश गर्व के साथ कह सकता है कि हम जान लेने वाले नहीं, जान बचाने वाले लोग हैं। उनके मुताबिक कैप्टन मच्छार ने अहिंसा और रक्षा की भावना को असल जिंदगी में जीकर दिखाया है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि अगर यह हादसा न टलता तो दुनिया भर में भारत और भारतीय पायलटों की छवि पर बुरा असर पड़ता।
कैप्टन मच्छार ने प्रधानमंत्री को उस डरावने वाकये के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि हमले में बुरी तरह घायल होकर गिरने के बाद भी उन्हें महसूस हो रहा था कि विमान तेजी से नीचे जा रहा है। ऐसे में उन्होंने अपनी बची हुई सारी ताकत जुटाई और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, ताकि क्रू के बाकी सदस्य अंदर आ सकें और विमान को संभाला जा सके।
उन्होंने बताया कि उस बेहद कठिन समय में वह बस हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे और भगवान की कृपा से ही बच पाए। कैप्टन मच्छार ने कहा कि विदेश में रहने के बावजूद वह अपनी भारतीय संस्कृति से जुड़े हुए हैं और रोज अपने दो साल के बेटे के साथ हनुमान चालीसा पढ़ते हैं।
प्रधानमंत्री ने बताया कि उन्होंने कैप्टन मच्छार के पिता भूपेंद्र भाई, मां गीता बहन और पत्नी सोनल से भी बात की है। उन्होंने कहा कि परिवार ने उन्हें भगवद्गीता के संस्कार दिए हैं और ऐसे संस्कारों के लिए उनके माता-पिता सम्मान के पात्र हैं। मुश्किल हालात में धैर्य और हिम्मत बनाए रखने के लिए उन्होंने पत्नी सोनल की भी सराहना की। कैप्टन मच्छार ने बताया कि जब उनकी बड़ी बेटी अस्पताल में उनसे मिलने आई, तो उन्हें इस हालत में देखकर भी वह जरा नहीं घबराई और हौसला बनाए रखा।
श्री मोदी ने बताया कि उनके जल्द ठीक होने और लंबी उम्र के लिए देश के कई मंदिरों में महामृत्युंजय जाप, विशेष पूजा और आरती की गई है। उन्होंने कहा कि पूरा देश उनके स्वागत का इंतजार कर रहा है। कैप्टन मच्छार ने बताया कि सऊदी अरब में उन्हें बहुत अच्छा इलाज मिल रहा है। इस पर प्रधानमंत्री ने उनकी देखभाल के लिए सऊदी अरब और यूएई की सरकारों का दिल से धन्यवाद किया।
बातचीत के दौरान कैप्टन मच्छार भावुक हो गए और रो पड़े। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का फोन आने के बाद उन्हें खुद पर गर्व हो रहा है। प्रधानमंत्री ने उन्हें ढांढस बंधाते हुए कहा कि वह हमेशा बस एक फोन कॉल की दूरी पर हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारत लौटने और पूरी तरह ठीक होने के बाद वह उनसे खुद मिलेंगे।