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उत्तर प्रदेश में बाढ़ ने मचाई तबाही, कई गांव का जनसंपर्क अन्य स्थानों से टूटा..

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में उफनाई नदियों के कारण करीब 16 जिले बाढ़ से प्रभावित हुए है। कई गांव का संपर्क टूट गया है। उफनायी नदियों के कारण 16 जिलों के 1034 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मिली जानकारी के मुताबिक इस समय खतरे के निशान से ऊपर बह रही शारदा, राप्ती और घाघरा नदियों की बाढ़ से प्रदेश के आम्बेडकर नगर, अयोध्या, आजमगढ़, बहराइच, बलिया, बाराबंकी, बस्ती, देवरिया, फर्रूखाबाद, गोण्डा, गोरखपुर, लखीमपुर खीरी, कुशीनगर, पीलीभीत, संतकबीर नगर तथा सीतापुर के 1034 गांव प्रभावित हैं। तो वहीं इनमें से कई गांव ऐसे हैं जो टापू में तब्दील हो गए हैं जिनका संपर्क अन्य स्थानों से पूरी तरह से टूट गया है।

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यूपी के राहत आयुक्त, संजय गोयल ने बताया कि पिछले 24 घंटे में लगभग 132 और गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इस प्रकार वर्तमान में प्रदेश के 16 जनपदों के 1034 गांव बाढ़ प्रभावित सूचित किए गए हैं। प्रदेश में अब तक 373 बाढ़ शरणालयों की स्थापना की गई है, जिनमें वर्तमान में 5 जनपदों के 29 बाढ़ शरणालयों में लगभग 1546 व्यक्ति रह रहे हैं। पिछले 24 घंटों में बाढ़ से प्रभावित 10974 परिवारों को खाद्यान्न किट का वितरण किया गया है। अभी तक कुल 117597 खाद्यान्न किट का वितरण किया गया है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में टीमें लगा दी गयी है। राहत बचाव कार्य को और तेज कर दिया गया है। जो भी इलाके बाढ़ से ज्यादा प्रभावित हुए हैं उन इलाकों में चौकियां बनाई गई हैं। ताकि लोग चौकियों पे संपर्क कर सके।

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उत्तर प्रदेश के राहत कार्यों के संजय गोयल ने आगे बताते हुए कहा विभागों के बीच समन्वय के लिए 784 बाढ़ चौकियों की भी स्थापना की गई है। 396 पशु शिविर संचालित किए गए हैं जिसमें 6,79,000 पशुओं का टीकाकरण किया गया है। सरकार हर संभव प्रयास कर रही है कि जो भी इलाके बाढ़ से प्रभावित हैं उन इलाकों में समुचित व्यवस्था की जा खाने पीने की उचित इंतजाम किए जाए।

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